Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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कांकरोली में नशेखोरी पर लगाम कसनी होगी

June 3rd, 2016 · उलझन

कांकरोली में नशेखोरी पर लगाम कैसे कसी जाये :

राजसमंद का कांकरोली वैसे तो बडा ही शांत कस्बेनुमा शहर हैं, पर यहां विगत कुछ समय से नशेखोरी की समस्या बढ़ती ही जा रही हैं खास कर के युवाओं में | पता नहीं कौन लोग केसे बडी सुलभता से इन्हें नशे के साजो सामान उपलब्ध करा देते हैं कि जहां सुनसान देखो वहीं ये नशेखोर दिखाई दे जाते हैं, पान गुटखा, बीडी सिगरेट तो ठीक है पर शराब, गांजा, चिलम पीना, नशे की दवाइयां गोलीयां व इंजेक्शन लेना और पन्नीयों से पता नहीं क्या क्या करना ………….. क्या यहां का युवा वर्ग पूरी तरह से भटक चुका हैं ?

नशेखोर

कहीं कहीं गांवो में तो महिलाएं भी गुटखे बीडी तम्बाकु और शराब तक का सेवन कर रहीं हैं जो कि गलत हैं |

सरकार को इन पर पूरी तरह से लगाम कसने के लिये बार बार दबिश दे दे कर के इनके आकाओं और नशेखोरों को भी पकडना होगा व उन्हे ठीक करने के प्रयास करने होंगे | कांकरोली शहर की शांति को बनाये रखने के लिये ये बहुत जरुरी हो चुका हैं |

नशे की ललक में ये मूरख नशेडी किसी सीधे साधे व्यक्ति की कार के कांच फोड कर सामान चुरा रहे हैं तो कहीं बेंक के बाहर घात लगाकर बैठे हैं व किसी का बैग ले भाग रहे हें, या शहर की महिलाओं की चेने खींच के परेशान कर रहे हैं |

आम शहरी लोगों की तो हालत ए॓सी ही कि पुलिस के जवानों को वैसे ही कहीं देख ले तो उनका गला सूख जाता हें, वे बेचारे कहां शिकायत करे, किसको कहें और कोई थोडी हिम्मत दिखा के शिकायत करने पहुंच भी जाते हें तो किसी किसी के साथ तो ए॓सा बर्ताव किया जाता हैं कि वे खाकी कोट से तौबा ही कर लेते हें कि [Read more →]

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ये पेंथर पेंथर क्या है ये पेंथर पेंथर

May 24th, 2016 · नई खबरें

राजसमंद में फिर पेंथर:

राजसमंद में पेंथर संबंधित खबरें इस बार इतनी बनी हैं कि बस, सिर्फ एक छः महिने के अल्प समय में कई बार पेंथर इंसानो के घरों, बाडों और सडकों पर आये हैं | कुछ समय पहले ही राजसमंद के कांकरोली, पडासली, नाथद्धारा, कुंभलगढ़ एरिया ‌और मार्बल की खदानों के आस पास अक्सर पेंथर परिवार देखा गया है | लगता हैं कि पेंथर आदि के लिये राजसमंद की आब औ हवा अनुकुल हैं और इन्हे यहां आसानी से खाना पानी भी मिल रहा हैं तभी ये आम जनता को बार बार दिख ही जाते हैं |

आस पास के गावों के बाडों में से बछडे ले जाना और गायों भेंसों पर हमला तो अनेको बार ये कर चुके हें | प्रशासन भी भरसक प्रयास कर रहा है कि इन्हे पकड कर सेंचुरी या और कहीं सुरक्षित पहुंचाया जाये | पर राजसमंद के फोरेस्ट विभाग के पास संसाधनों की कमी हें, ट्रांकुलाईजेशन एक्सपर्ट भी यहां नहीं हे और ना ही जरुरी साजो सामान |

अभी हाल ही में लंगोट चौराहे के पास जब चार माह का पेंथर का बच्चा कहीं से आकर के मोटरसाइकिल के नीचे बैठ गया था , फिर लोगों की भीड से घबरा कर मकानों के किनारे बनी नाली में छिप गया था उसे भी हमारी काकंरोली की फायर बिग्रेड व पुलिस जवानों की मदद से वन विभाग के जवानों ने पकडा | खैर जो हुआ अच्छा हुआ, पर भविष्य में प्रशासन इन पर ध्यान दे ताकि शहरों में जंगली जीव जानवर ना आयें |

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तेंदुए का सिर पानी भरने वाले स्टील के घडे में अटका

October 3rd, 2015 · नई खबरें

अरे भला ये भी क्या बात हुई | तेंदुए का सिर पानी भरने वाले स्टील के घडे में कैसे अटका, ये शहर ना ना देश भर में चर्चा का विषय बना रहा | हुआ यूं की राजसमन्द में एक तीन साल के नए नए युवा हो रहे तेंदुए ने पानी पीने के लिये गांव के घर का रुख किया पर ये उसका बुरा दिन था पानी पीने के लिये जेसे ही उसने अपना सिर पानी भरने वाले स्टील के घडे में डाला की फिर वो वापस निकाल हीं नहीं पाया | अब वो बेचारा गांव के आस पास बडा ही परेशानी से घूम ही रहा था, कि लोगों ने उसके फोटो खींचे विडियो बनाये और सोशल साइ्ट्स पर भेज डाले | फिर वन विभाग को खबर की गई अब अपने शहर में ए॓सा कोई शूटर या बेहोश करने की भी दवाइयां व उपकरण भी नहीं की तत्काल तेंदुए को राहत दिला दे |

फिर कोई उदयपुर से किसी संबंधित व्यक्ति को बुला ट्रांकुलाइज्ड करवाया गया, और घडे से उसे मुक्त किया गया | फिर उसे कुंभलगढ़ के जंगलों मे छोडा गया | फंस गया बेचारा | अब वो सारी जिदंगी किसी गांव शहर का रुख नहीं करेगा, और अगर आया भी तो किसी घडे से पानी पीने की कोशिश तो हरगिज नहीं करेगा |

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क्या है तुम्हारे पास ?

June 27th, 2015 · कांकरोली

अमिताभः आज मेरे पास बंगला है, गाडी है, बैंक बलेंस है, … तुम्हारे पास क्या है ?
शशि कपूरः मेरे पास……………… मेरे पास माँ है !”

ए॓सा ही सवाल यदि देश की आर्थिक राजधानी मुंबई अपने काकंरोली से पूछे तो ये ही जवाब मिलने वाला हें | हमारे शहर कांकरोली की ए॓रिगेशन पाल का कोई मुकाबला नहीं |

मेरे एक मित्र राहुल दिक्षित नें ये फोटो बना कर शेयर की है, नजारा जोरदार है |

Mumbai and Rajsamand

Mumbai vs Rajsamand

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राजसमन्द झील से सुर्यास्त के कुछ नजारे

May 16th, 2015 · प्रमुख दर्शनीय स्थल

राजसमन्द झील अपने आप में जग प्रसिद्ध हैं यहां झील के किनारे सुर्योदय व सुर्यास्त के नजारे बडे ही मनमोहक होते हें | रोजाना शाम को यहां से राजनगर के पहाडों के पीछे जाता सुर्य ए॓सी लालिमा छोड जाता है कि देखने वाले बस देखते ही रह जाते हैं | और ए॓से ही नजारे के लिये फिर से अगली शाम को यहां आना ही पडता है, इसका कोई विकल्प नहीं, ये जगह सचमुच अद्धितीय हैं | तो क्या आप भी राजसमन्द झील के किनारे से सुर्यास्त के नजारे देखना चाहते है ?

राजसमन्द झील किनारे सुर्यास्त के कुछ क्षणः

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