Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

Rajsamand District, Rajasthan header image 2

ए॓तिहासिक कमल बुर्ज की छतरी की व्यथा

January 13th, 2011 · 1 टिप्पणी · प्रमुख दर्शनीय स्थल

राजसमंद झील की एरिगेशन पाल पर अंत जाने पर ए॓तिहासिक कमल बुर्ज की छतरी आती है ! पाल के अंत में बनी होने के कारण ही शायद ये सब अन्य छतरियों के मुकाबले में काफी बडी और भव्य है ! वैसे एरिगेशन पाल पर गार्डन भी बना हुआ है और बुजुर्ग लोगों की मंडली के कारण धीरे ही सही पर थोडा बहुत विकास हो रहा है !

पर प्रकृर्तिप्रेमी, व्यायाम और टहलने के शौकीन लोग पर के अंत में कमल बुर्ज की छतरी तक पैदल व दौड कर जाना पसंद करते है ! कई लोग यह भी कहते हैं कि यह मगरमच्छ के आगे वाले गेट से जब आगे कमल बुर्ज की छतरी पर पैदल चलते हुए जाते है तो असली आनंद यहीं मिलता है ! इससे पहले तो सब मोह माया है, जन्नत यहीं से शुरु होती है ! असीम शांति और यहां कोई भी डिस्टर्ब करने वाला नहीं !

कमल बुर्ज की छतरी आजकल बहुत ही उदास और व्यथित है, और ये अपनी व्यथा अपने रोजाना आने वाले दोस्तों से कहती है, उनमें से एक में हूं अतः इस दुखी छतरी के उचित रखरखाव की यहां जो भी व्यक्ति या विभाग है उनसे गुजारिश करता हूं वह जो इस सब कार्य से समबद्ध है और वास्ता रखता है !

पूरी पाल के अंत में आने के कारण यह विशेष महत्व भी रखती है और यहां छतरी के अंदर गुम्बद पर काफी अच्छी नक्काशी देखी जा सकती है ! यहां के फोटो जरुर देखें ! छतरी के चारों तरफ अच्छी खासी कलाकारी देखी जा सकती है पर यह पुरातात्विक महत्व की अमूल्य जगह उचित मेनटेनेंस के अभाव में ए॓से ही अपनी व्यथा पर आंसू बहा रही है !

ए॓तिहासिक कमल बुर्ज की छतरी के बारे में खास बातें जो ध्यान देने योग्य हैः

  • आने जाने वाले मनचले नवयुवा यहां अपनी यादें छोड कर जाते है और कईयों नें कोयले से निशान पे निशान बना डाले हैं, कहीं भद्दी गालियां तो कहीं प्रेम की पींगे बढ़ाते हुए शब्द !
  • पेड पौधे छतरी की छत पर उग कर काफी बडे हो चुकें है व समय पर नही हटाये गये तो पेड की जडों से छतरी की छत का भारी नुकसान हो सकता है !
  • छतरी के चारों ओर रेलिंग बन जाए तो कहने ही क्या !
  • और भी कुछ टूट फूट है व इसे भी रिपेयरिंग की दरकार है !
  • रखरखाव के नाम पर जो आरास से पुताई यहां कर दी गई, वह यहां के पुरातात्विक महत्व को और भी नुकसान पहुंचा रही है ! मिस्त्रीयों की मानें तो संदले के उपर पुताई करना मुर्खता है !

कमल बुर्ज की छतरी के फोटो जरुर देखेः

टैग्सः ·········

एक टिप्पणी ↓

  • pappu patel

    rajsthan sarkar kus kam ki nahi rah gai who dhayan nahi de rahi so gai usko uthao

अपनी टिप्पणी करें, आपकी टिप्पणीयां हमारे लिये बहुत ही महत्वपूर्ण हैं, आप हिन्दी या अंग्रेजी में अपनी टिप्पणी दे सकते हैं, साथ ही आप इस वेबसाईट पर और क्या क्या देखना चाहेंगे, अपने सुझाव हमें दें, धन्यवाद