Rajsamand District, Rajasthan

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भक्त शिरोमणि मीराबाई के प्रसिद्ध भजन

July 30th, 2011 · 8 टिप्पणीयां · इतिहास के पन्नो से

मीराबाई का जन्म सोलहवीं शताब्दी में हुआ और वे भगवान कृष्ण की बहुत बडी भक्त थीं | बचपन से ही मीरा का रुझान सिर्फ और सिर्फ प्रभु भक्ती में ही था | उनका विवाह मेवाड के महाराज राणा सांगा के दूसरे पुत्र भोजराज से हुआ था |

भक्त शिरोमणि मीराबाई

भक्त शिरोमणि मीराबाई

भोजराज कम उम्र में ही एक युद्ध के दौरान शहीद हुए, इस घटना से मीरा का जीवन एकदम अंधकार से भर गया औ‌र उन्होने भगवान कृष्ण की भक्ती में ही अपना सम्पूर्ण जीवन लगा दिया | मीराबाई की कृष्ण भक्ति बहुत प्रगाढ़ थी और उन्होनें अपने जीवन काल में लगभग एक हजार से भी ज्यादा कृष्ण भजनों की रचना की | वे सारे भजन व भक्ति गीत आज भी प्रासंगिक है | उनमें से ही एक बहुत प्रसिद्ध भजन है पायो जी मेनें, राम रतन धन पायो |

पायो जी मेनें, राम रतन धन पायोः

पायो जी मेनें, राम रतन धन पायो
वस्तु अमोलक की मेरे सद्गुरु
किरपा कर अपणायों
पायो जी मेनें, राम रतन धन पायो

जनम जनम की पु्ंजी पाई
जग में सबै खोबायो
खरचे नहीं, कोई चोर न लेवै
दिन दिन बढ़त सवायौ
पायो जी मेनें, राम रतन धन पायो

सत की नाव, खेवटिया सद्गुरु
भव सागर तरि आयौ
मीरा के प्रभु गिरधर नागर
हरिख हरिख जस गायौ
पायो जी मेनें, राम रतन धन पायो

हरी तुम हरो जन की भीरः

द्रोपदी की लाज राखी,
तुरत बढ़ायो चीर |
भक्त कारण रुप नरहरि,
धरयो आप सरीर |
हिरनकुश मारी लीन्हों,
धरयो नाहिन धीर |

हरी तुम हरो जन की भीर |

बूडतो जगरात राख्यों,
कियौ बाहर नीर |
दासी मीरा लाल गिरधर,
चरण कंवल पर सीर |

हरी तुम हरो जन की भीर |

Photo Source : http://www.flickr.com/photos/vnod/3511103536/

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8 टिप्पणीयां ↓

  • KULDEEP KUMAR SINGH

    माँ मीराबाई को शत् शत् नमन…. कुछ श्रीकृष्णभक्ति हमेँ भी दे दो मइयाँ….

  • hans raj chiniya

    merabai ki shai janm date batao.

  • Birendra Pathak

    mai maa meerabai ke bhajan ko bahut pasand karta hu, gaate aur gungunate rahta hoon……. maa meera bai Girdhari ke diwani thi, aur mai maa meerabai ke bhajan ka dewana hoon.

  • PREM CHHAPARIA

    MEERA BAI KI JEEVNI PADKAR BHAKTI JAGRIT HOTI HAI

  • Rajendra Singh Dangwal

    Meera Bai was blonging a Rajput family .Her husband Bhojraj had deid in early age ,She refuse self immolation (Sati) with her husband died body .It deemed not good on that time .Like a widow she sang many self compose Bhajan .That time Krish Bhakti Shakha had became main streame . In her Bhajan we find pain .however her poety are master piece of hindi literature

  • daniel mathew

    Bhakth kavayathri ma meeraji ke bhajan ko mai bahut pasand kartha hum.Hameesha gatha rahtha hum.Meera Bhagavan krishn ke deewani thi aur mai meeraji ke bhajan ka deewana hoom.jo bhe ho hindi kavitha sahithye unki bhajanom sae sampushtt hai

  • suparna

    mira ne kis prakar satya/ishwar/moksha ki prapti ki?sangsar me kya paraibartn hua?

  • ramdasmeena

    Meera ke bajan hame bahut aachhe lagte hai, meera दर्शन कि प्यासी और राधा प्यार की प्यासी

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