सुबह के आठ बजे हैं, बेटा कुछ देर पहले नींद से उठा ही है |
मम्मीः ले बेटा पोया वण ग्या है, खई ले |
पिंटूः अरे में तो उठ्यो ही तो हूं न, अबाणू सुबे पेली पोया, और हाल तो में दातन भी नी किदो हैं |
अलग सा ही मुंह बनाते हुए मम्मी बोलीः मियां जी, मियां जी दुबला क्युं ? ……………… टड घणी | अरे में केई री हूं खई ले पोया, नियम कायदा उं कई नी वे … !
बेटा पिन्टू आश्चर्य से मम्मी का मुंह देखता रह जाता है |
में राजसमन्द से ही एक साधारण व्यवसायी युवक हूं, 1997 में मुझे कम्प्यूटर और नई तकनीकी आदि के बारे में जानने का मौका मिला तभी से हमेशा कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश करता हूं | इसी क्रम में राजसमन्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वेबसाईट, वह भी हमारी सरल सुलभ हिन्दी भाषा में बनाने का
अब तक कोई भी टिप्पणी नहीं ↓