पिछले चार पांच सालों से यह “राजसमन्द जिले की हिन्दी वेबसाइट” अनवरत हमेशा कुछ ना कुछ नयेपन के लिये जानी जाती है ! अब तक यहां 157 लेख लिखे जा चुके हैं, व 251 पाठकों नें अपने विचारों को टिप्पडीयों के माध्यम से प्रषित किया है । पाठकों के विचार बहुत बडा माध्यम होते हैं जिनसे ही किसी लेखक कौ कार्यक्षमता में विकास होता है । तो पेश है अब तक पाठकों के इस साईट के बारे में विचार कुछ खास टिप्पडीयों के द्वारा !
पाठकों के विचारः
यह एक बहुत ही खास वेबसाइट है ! ए॓सी वेबसाइट बनाने के लिये धन्यवाद ! इस वेबसाइट में हर गांव की जानकारी भी हो तो ये सभी के लिये बहुत खास हो सकती है आपने बहुत ही अव्छी मेहनत की है ! में यह चाहता हूं कि में भी कुछ एसा काम करूं ! इसमें राजसमनंद के सभी गांव व कस्बों की जानकारी फोटौ सहित हो तो और भी अच्छा रहेगा ! साथ ही स्टुडेन्ट, कालेज व नौकरी आदि से संबन्धित जानकारी भी दें तो काफी सुविधा होगी ! इस वेबसाइट को राजसमन्द के लोगों की जरुरत बना दो ! धन्यवाद
भरत बागोरा “सुन्दरचा”
सर, मेनें राजसमन्द जिले पर एक मेवाडी भाषा में कविता “कविता क्या उसका बाप” लिखी है, अगर आप चाहें तो में आपकी इस बढ़िया सी साईट पर अपनी टिप्पडी के माध्यम से भेज सकता हुं ! धन्यवाद
कवि सुनिल जी “सुनिल”
कांकरोली
में यह समझता हूं कि आपको सरकार के मेवाड काम्प्लेक्स के प्लान के बारें मे जानकारी नहीं है ! सरकार की घोर अपेक्षा का उदाहरण है यहां का म्यूजियम आखिर कैसे कोई गरिब आदमी लाईट और साउंड का शो देखने के लिये बीस रुपये खर्च कर सकता है ! धन्यवाद
कमल पालीवाल
खमनोर, हल्दीघाटी
हेलो, आप से एक छोटी सी जानकारी लेना है अगर आप मेरी मदद करें तो बहुत अच्छा होगा ! राजसमन्द में बोहरा समाज के बारे में कुछ जानकारी आप देवें, बहुत मेहरबानी होगी ! धन्यवाद
जोयेब शिकारी
जय श्री कृष्ण,
कृपया कुछ फोटो साईट पर डालिये ना !
१. द्वारिकाधीश जी के विभिन्न दर्शनों के
२. द्वारिकाधीशमंदिर के फोटो
३. साईट सीन के फोटो
दिनेश वर्मा
कुछ रोज पहले राजसमन्द जाना हुआ था ! अभी तक इस जिले का विकास नहीं हुआ ! इतनी सुंदर जगह का विकास न होने से में व्यथित हुआ !
लोकेश वर्मा
आपकी साईट बहुत बढिया लगी मेरा जनम यही हुआ, मेरी बचपन की यादे यही की है ! में मेरे दोस्तो को जिनमें अमित , हेप्पी, अभिषेक, निधी थे सबको अभी भी याद करता हुं मेरे पिता जे.के. इन्डस्ट्रीज कांकरोली में कार्यरत थे ! राजसमन्द झील मेरे जीवन का एक हिस्सा है । में जे.के. कोलोनी के बारे में भी और जानना चाहता हूं !
राकेश राठी
हेलो ! आपका यह कार्य इस शहर के बारे मे बहुत सराहनीय है, हमें आपके टाईप के लोगों की जरुरत है । मेनें अभी अभी इस साइट को देखा, बहुत अच्छा कार्य है आपका, मेरी ओर से शुभकामनाएं ।
बी. एल. पालीवाल
MCA Msc (cs).
जल चक्की, कांकरोली
हल्दीघाटी का इतिहास जानकार बहुत खुशी और रोमांच का अनुभव हुआ !
कायम सिहं राठौड
में इस साल गंगापुर, भीलवाडा से पद यात्रा पर अवश्य आउंगा, पिछले साल में कार लेकर आया था इस बार में यहां पैदल आना चाहुंगा ! जय चारभुजानाथ !
लखन लोहिया
आपका यह प्रयास सराहनीय है, आपको इसके लिये बधाई । यदि समय दे सकें तो इसे रोज नए नए लेखों से अपडेट करते रहिये ! आपका शुभचिंतक
परितोष पालीवाल
मुझे अपने कस्बे को आनलाईन डाट काम के रुप में देखकर बहुत खुशी हुई ! सराहनीय कार्य है आपका ! गणगोर, स्कूलों के त्योहार आदि के बारें में भी कुछ लिखें, घुमने लायक जगह जेसे दयालशाह किले का सुर्यास्त आदि पर भी प्रकाश डालें । नौकरी व केरियर के बारे में भी जानकारी दें ! आप लोकल केबल टी.वी. पर अपने साइट की मार्केटिंग करवायें जिससे लोग और ज्यादा से ज्यादा संख्या में आपकी साईट से जुड सकें ! और अपने टेलेन्ट का फायदा उठा सकें ! काफी लोग स्कूलों व त्योहारों पर भी प्रस्तुतियां देते हैं, उनको भी लाभ होगा ! धन्यवाद
मनीष शर्मा
प्यारे बन्धु
में यह पेज देख कर प्रसन्न हुआ ! इस साईट से हमारे जिले को जरुर कोई न कोई लाभ मिलेगा ! खास तौर से आपके दार्शनिक विचारों से भरा स्वयं का परिचय वाला पेज मेरे दिल को छू गया ! बहुत आकर्षित हुआ पढ़ कर में ! धन्यवाद !
डा. एच. एस. चोहान
हेलो,
बहुत समय से आप कुछ लिख नहीं रहे हो ! में ये साईट हमेशा देखता हुं ! आप इस वेबसाईट के माध्यम से यह छोटे से कस्बे राजसमन्द के लिये बहुत ही उम्दा प्रयास कर रहे हों ! उपयोगी साईटों के लिंक, विश्च प्रसिद्ध होटल्स जो कि यहां है में उनके बारे में नहीं जानता था, जो आपको पहले से मालूम थे ! आपको यहां एक फोटो गेलेरी भी लगानी चाहिये ! आसपास के अच्छे फोटो डाले, इससे और भी लेखकों का इस साईट के प्रति जानकारी होगी ! साथ ही आपका लिखा हार्न प्लीज व दूरदर्शन के एडवर्टाइजमेन्ट व पुराने सीरीयल के बारे में पढ़कर अच्छा लगा ! भारत एक खोज मेरा पसंदीदा प्रोग्राम था ! में जब भी अपने दोस्तों से मिलता हूं तो यहां राजसमन्द के बारे में बताता हूं ! यहां का शांत माहौल, घुमने की जगहें सब गजब की है, ये सब कुछ दुनियां में कहीं और नही मिल सकता जो कि राजसमन्द में है ! सबसे खास है यहां के लोग जो कि बहुत खुशमिजाज है व अपनी ही मस्ती में रहते हैं । जैसे की “लाल” जो कि पान या फिर भांग की दुकान के सामने अक्सर टाइमपाद करते मिल जाते हैं ! आप उनके बारे में भी कुछ जानिए और लिखिये कुछ ! अच्छी बारिश में कु्भलगढ़ और बाघेरी के नाके पर जाने पर भी बहुत अच्छा लगता है । आपने बहुत ही अच्छा कार्य किया है , लिखते रहिये !
नरेश राजावत
राजसमन्द जिले के बारे में काफी कुछ जानकारी आपने दी है। धन्यवाद। चारभुजा गढबोर के बारे में और जानकारी प्रदान करने की कृपा करावे।
राजेंद्र माहेश्वरी
यह आपका अच्छा प्रयास है ! इसके माध्यम से हम इतना दूर रहते हुए भी अपने जगह से जुडे हैं ! बहुत अच्छा कार्य किया है आपने ! अगर कुछ और यहां डाल सकें तो यहां के मुख्य बाजार, सव्जी मंडी, मंदिर की गली आदि के विडियो डालें ! एक बार फिर धन्यवाद !
जीतू
हेलों, केसे हैं आप ! राजसमन्द के बारे में छोटी छोटी जो बातें आपने लिखी हैं वे आश्चर्यजनक है ! दूरदर्शन के पुराने सीरीयल व हार्न प्लीज के बारे मे पढ़ना मेरे लिये बहुत ही अच्छा अनुभव रहा ! आप यहां की पढ़ाई की व्यवस्था के बारे में भी कछ लिखें ! बहुत ही कठोर परिश्रम आपने किया है आपने साईट के द्वारा ! हमारी ओर से शुभकामनाएं !
अरोडा एम. एस.
आपने राजसमंद की वेबसाइट हिन्दी मे बनाकर बड़ा अच्छा कार्य किया है. इसके लिए आपको बधाई. आप प्रातःकाल की वेबसाइट भी अवलोकन करें !
ऋतु राज – प्रातःकाल
में यह वेबसाइट देखकर और पढ़कर बहुत प्रसन्न हुआ ! कृपया यहां के होशियार छात्रो व महान लोगों के बारे में भी कुछ लिखें ताकि हर कोई उनके बारे में जान पाए !
संजय पालीवाल
मुझे आपके साइट को देखने का मौका पडा ! मेरे साथ यहां की बहुत सी छोटी बडी यादें जुडी हैं ! में राजसमंद आने पर आपसे मिलना चाहता हुं ! आप अपने बारे में भी कुछ लिखिये ना ! उम्मीद है यह फरमाइश जरुर पुरी होगी !
शिव चरण
में खुद इस बहुत ही खुबसुरत जगह राजसमन्द का एक बाशिन्दा हूं ! मुझे बडी खुशी हुई की हमारा राजसमन्द भी अब इन्टरनेट पर आपकी साईट के माध्यम से दुनिया में लोकप्रिय हो रहा है ! में राजसमन्द के सभी नागरिकों की तरफ से आपको साधुवाद देता हुं जो इस शानदार साईट के निर्माण मे प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रूप से जुडे हुए हैं । धन्यवाद !
विवेक धुत
प्रिय भाई, आपकी तत्परता और उदारता के प्रति नतशिर हूं.
दर असल मैंने यह टिप्पणी अपनी एक आम शिकायत के क्रम में ही की थी. हम सर्वत्र यह देखते हैं कि साहित्य को उतना महत्व नहीं दिया जाता, जितने का वह अधिकारी है. मैं यह क़तई नहीं कहता कि साहित्य को आप गैर ज़रूरी महत्व दें, लेकिन कृपया उसे एकदम अनदेखा भी न करें. जैसे इलाहाबादा का महत्व नेहरु के कारण ही नहीं, पंत, महादेवी, निराला के कारण भी है, वैसे ही, कम से कम मेरे जैसों के लिए तो राजसमन्द की कोई तस्वीर क़मर मेवाडी के बगैर पूरी नहीं होती. आपने मेरे सुझाव पर अमल किया, आभारी हूं. आशा करूंगा कि आप भविष्य में भी अपनेब्लॉग पर राजसमन्द के साहित्य को भी समुचित स्थान देते रहेंगे.
डां दुर्गा प्रसाद अग्रवाल
कांकरोली का द्वारिकाधीश मंदिर बहुत ही आनंद दायक और भक्तीमय है यहां के दर्शन प्रोग्राम जेसे दीवाली, होली, जनमाष्टमी आदि बहुत ही अच्छे लगते हैं
भरत पालीवाल
आप बहुत अच्छे हैं ! यह साईट एक सुनहरा मौका है जिससे हम राजसमन्द जिले के बारे में सब कुछ जान सकते हैं ।
चन्द्र भान
हेलो दोस्तों,
आपका वेबपेज देखा ! मुझे बहुत ही अच्छा लगा राजसमन्द जिले के बारे में यहां कुछ पढ़ कर क्यों कि में खुद यहां के एक छोटे से गांव मुण्डोल का रहने वाला हूं ! मेरा नाम सोमेश है और में डेल कोर्पोरेशन, गुडगांव में सिस्टम एडमिस्टेटर के पद पर कार्य करता हूं ! में आपकी पुरी टीम को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित करता हूं !
सोमेश
भाई साहब प्रणाम,
आज चिठ्ठाकार में राजसमन्द का नाम पढ़ते ही इतनी प्रसन्नता हुई कि पूछिये मत:) लेख भी नहीं पढ़ा और आपको पहले टिप्पनणी कर रहा हूँ। दरअसल मैं भी आप ही के जिले राजसमन्द के कस्बे देवगढ़ से हूँ, अभी सिकन्दराबाद में हूँ। आशा है अब आपके द्वारा मेरे प्रिय गाँव की जानकारी मिल जाया करेगी।
सागर चन्द नाहर
आपका यह प्रयास सरहानिय है और आप बधाई के पात्र है। कोशिश कीजिये की राजसमन्द के साथ-साथ पूरे राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर को अंतरजाल पर लाया जा सके, इस संबंध में यदि मुझ से किसी भी प्रकार की सहायता चाहिये तो मुझे सूचित कीजियेगा।
गिरिराज जोशी “कविराज”
अच्छा प्रयास है ! कृपया साइट प्रर और भी मजेदार फोटो अपलोड कीजिये :)
हिमांशु
हेलों में ब्रजेश शर्मा हूं ! व एन आई सी कार्यालय जिला पाली में कार्यरत हूं ! में अपने मित्रों के साथ बारिश के मौसम में गौरम घाट घुमने गया था ! मुझे यह स्थल बहुत ही खुबसुरत लगा ! वहां बहुत आनन्द का अनुभव हुआ जिसकी यादें मेरे जेहन में अभी तक बसी हैं ।
ब्रजेश शर्मा, पाली
में राजसमन्द से ही एक चौंतींस वर्षीय स्नातक, व्यवसायी युवक हूं, 1997 में मुझे कम्प्यूटर और नई तकनीकी आदि के बारे में जानने का मौका मिला तभी से हमेशा कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश करता हूं | इसी क्रम में राजसमन्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वेबसाईट, वह भी हमारी सरल सुलभ हिन्दी भाषा में बनाने का
prakash // May 12, 2010 at 7:12 am
namste ,
mere gaw ki smasaya me apko batana chahta hu
aap mere samshya ko aage dhyan de me apko meri bate batta rahuga……….
kishan gadri emdi // Jun 12, 2010 at 6:03 am
rajsmand district vikas ke mamle me kafe pecheda huae ha iseke vikas ke bare me yaha ke janpartinide ko dayan dena cahiya
सत्यम जायसवाल // Oct 5, 2010 at 4:08 am
मैँ सत्यम जायसवाल देवरिया जिला यू पी का हूँ मै आपका हिन्दी वेबसाइट राज समन्द हमेशा देखता हुँ मुझे इससे बहुत कुछ सिख मिली है हमारी ओर से आपको शुभ काँमनाए लिखते रहिए
Anjaan // Oct 6, 2010 at 6:30 am
सत्यम जी, आपने अपने विचारों से हमें अवगत कराया, बहुत बहुत धन्यवाद !
Ramesh kumar Bagora // Dec 15, 2010 at 12:23 pm
Hum Videsho me,Apne Watan ke Nazadik rahte he,es Koshish ka dhanyawad,
Ramesh u.Bagora (Sundercha)
Dubai (UAE)
kamlesh paliwal (kankroli) // Jul 14, 2011 at 10:59 am
hello and namste
bahut accha laga apki hindi bebsite ko dekhkar.
ap ese time mile to daily update kare
ap rajsamand ki history se related litrature bhi upload kare to hame bahut si nai jankariya milegi
kuch bhi kaho but NICE
Naresh // Jul 19, 2011 at 10:45 am
Hi Bhiya,
Its a long time to make a scrap on your blog site.So How’s life in kankroli……in rainy season.Rajsamand becomes like a heaven when it rains.The lake is awesome and the Irrigation garden which is my favourite place to visit when its raining and you run just parrallel to the lake and when you feel the air flowing in your nostrils.I am always eager to visit my hometown anytime specially during the rainy season.I’ll catch you soon.
Anjaan // Jul 27, 2011 at 8:46 am
जरुर भाई ! बारिश के मौसम में तो राजसमन्द जन्नत जैसा ही होता है लगभग
harisinghRathore // Sep 1, 2011 at 2:35 am
rajsmand jila ke bare mai aap duvra batai gai jankari shrahniye hai aane wali pid ke liye upiyogi hogi
thank u
UDC
treasury office Rajsamand
dharmendra ameta // Sep 1, 2011 at 2:40 am
thank u sir
aaj ke jamane mai itna karne kam karne wale log kam hi melate hai aap ne jo kam kiya hai wo humre or is jile ke liye khusi hai ki aap jo kam kar rha hai us mari jarurat hogi to mai man se aap ka shyoge duga
Anjaan // Sep 2, 2011 at 1:13 am
आपका आभार व्यक्त करता हूं ! आते रहियेगा इस वेबसाइट पर |
rhiniagaw // Oct 20, 2011 at 10:59 pm
बहुत समान है.