आजकल जब से बैंकों का आनलाईनीकरण हुआ है तब से ही बेंक कर्मियों की पौ बारह है ! कुछ समय पहले मेनें एक बैंक में देखा कि बैंक के एक कर्मचारी सज्जन एक पुराने ग्राहक को जो कि विड्रोल भर कर पैसा कैश कराने आये थे ऊनको सलाह दे रहे थे कि सर आप ए.टी.एम. [...]
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शाबास बैंक वालों
August 14th, 2010 · No Comments · उलझन
Tags: कर्मचारी का समय·ग्राहक·नोट·बैंक·शाबास बैंक वालों·सज्जन
धोईन्दा बस स्टेंड और काकंरोली बस स्टेंड
July 1st, 2010 · 2 Comments · उलझन, राजसमन्द जिला
काकंरोली के विकास का एक प्रमुख मुद्दा काफी सालों से बस स्टेंड रहा था ! अब वो वक्त आ गया है जब मुख्य बस स्टेंड धोईन्दा जा रहा है !
पर कई लोगों को प्रशासन के इस कार्य पर भारी आपत्ति है ! सभी के अलग अलग मत है !
धोईन्दा बस स्टेंड को बने कई साल [...]
Tags: कमाने·काकंरोली बस स्टेंड·धोईन्दा बस स्टेंड·फायदे·बुरा·राजनैतिक
वही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल
June 4th, 2010 · No Comments · उलझन
“वही खिलौना लूंगा, मचल गया दीना का लाल”
आज न जाने क्युं मुझे स्कुल के समय में पढ़ी एक कविता की चंद पंक्तियां याद आ गई ! हठ के कुछ प्रकार है जैसे बालहठ, त्रियाहठ और राजहठ !
बाल हठ का अभिप्राय है बच्चे की जिद, त्रियाहठ यानी पत्नी की जिद या इच्छापुर्ती की आकांशा, और अंत [...]
Tags: कविता·त्रियाहठ·दीना का लाल·बालहठ·मचल गया दीना का लाल·राजहठ·वही खिलौना लूंगा·सियारामशरण