आज एक बडी खुशी कि बात पता चली वो में आप सब को बताना चहता हु् । वैसे तो हम कभी कभार गुगल का पेज रेन्क देख लेते थे पर काफी दिनों से ये चेक नहीं किया, क्योंकि पता था कि ये एसे ही नहीं मिलता ईसमें “वक्त तो लगता है” । तो http://rajsamanddistrict.com को 1/10 पेज रेन्क मिला है यानी 10 में से 1 नबंर मिला है पर हम तो फिलहाल 1 में भी खुश है । “ना मामे से काना मामा अच्छा होता है” यही सोच कर मन ही मन खुश हुए जा रहे हैं। पर जब हमने चेक किया http://www.rajsamanddistrict.com को तो ये हमें 0/10 ही मिला । पर धीरे धीरे ये सब सही हो जाएगा ए॓सी आशा करते है ।
ये पेज रेन्क का मिलना व धीरे धीरे बढ़ना एक अच्छा संकेत है, किसी भी वेबसाईट या ब्लाग के लिये । ये पेज रेन्क गुगल भैया तय करता है हर साईट, ब्लाग या फोरम के लिये, किसी साईट को मिले लिन्क व दिये गए लिन्क से यह तय होता है । पी. आर. एक तरह की वेल्यु हे जो कि गुगल निर्धारित करता है । आप में से कोई भी व्यक्ती अपने ब्लाग या वेब साईट का पेजरेन्क चेक करना चाहे तो http://www.prchecker.info/check_page_rank.php यहां पर जा कर अपनी साईट का PR चेक कर सकते हैं । वेसे काफी लोग fake करके High Pr भी बना लेते है, पर वो असली नहीं है उसके नुकसान ही हैं।
पेज रेन्क बढ़ता है लिन्क पोपुलारिटी से, यह होता है ठीक वेसे ही, जेसे कोई बडा आदमी किसी के कन्धे पर हाथ रख दे तो तो उस बडे आदमी के व्यक्तीत्व व प्रभाव से साधारण व छोटे आदमी का भी कद उंचा हो जाता है । तो इस PR का बढ़ना ब घटना भी वेसी ही एक गणित है । बडे या ज्यादा PR वाली साईट ० PR वाली साईट को लिन्क करे तो छोटे को ० से 1 मिल जाता है पर ईसमें काफी वक्त भी लगता है। गुगल समय समय पर पी. आर. व बेकलिन्क, लिस्टेड पेजेस आदि की सुचना को अपडेट करता रहता है। समान विषय पर लिखने वाले एक दुसरे की साईट या ब्लाग को लिन्क करे तो ये बडी अच्छी बात है, ईससे दोनों का फायदा है।
श्रीश शर्मा 'ई-पंडित' // Feb 13, 2007 at 11:01 am
बधाई धीरे-धीरे ही सही आप उन्नति कर रहे हैं। हम तो भैया पेज रैंक की टेंशन में पड़ते नहीं, चिट्ठाजगत में सब हमें जानें पहचानें, पढ़ने आएं यही हमारा पेज रैंक है।