हमारा देश भारत हमेशा से ही अनेकता में एकता का संदेश देता रहा हैं, पूरी दुनिया में ए॓सा शायद एक ही देश है हमारा भारत जहां बहुत बहुत सारी विविधताएं है, मसलन भाषा की, खानपान की, संस्कृति की, पहनावे की, सभ्यता की, स्थान की और प्राकर्तिक विविधताएं | यहां हर धर्म को मानने वाले को [...]
Entries Tagged as 'इतिहास के पन्नो से'
कुछ अनमोल विडीयो, जो हमें बीते हुए कल की याद दिलाते हैं
January 7th, 2012 · No Comments · इतिहास के पन्नो से
Tags: सारा भारत ये कहे प्यार की गंगा बहे·अनमोल·मिले सुर मेरा तुम्हारा·स्कूल चले हम
महाराणा राज सिंह जी
October 14th, 2011 · 2 Comments · इतिहास के पन्नो से, राजसमन्द जिला
कुछ बातें महाराणा राज सिंह जी के बारे में: कांकरोली राजसमंद या कहें की राजनगर के राजा महाराणा राज सिंह जी का जन्म 24 सितंबर 1629 को हुआ | उनके पिता महाराणा जगत सिंह जी और मां महारानी मेडतणीजी थी | मात्र 23 वर्ष की छोटी उम्र में यानी 1652-53 में उनका राज्याभिषेक हुआ था [...]
Tags: कलाप्रेमी महाराणा राजसिंह जी·द्धारिकाधीष जी·मेवाड के राणा राजसिंह जी·राजसिंह जी का शासन काल·राणा राजसिंह जी·वीर·श्रीनाथ जी
पृथ्वीराज चौहान और संयोगिता पर आल्हाखंड की कविता – संयोगिता का अपहरण
September 28th, 2011 · 3 Comments · इतिहास के पन्नो से
पृथ्वीराज चौहान के जीवन की रोमांचक कहानीः पृथ्वीराज चौहान का जन्म अजमेर के वीर राजपूत महाराजा सोमश्वर के यहां हुआ था | पृथ्वीराज मध्यकालीन भारतीय इतिहास के सबसे बहुत ही प्रसिद्ध हिन्दू राजपूत राजाओं में एक थे उनका राज्य राजस्थान और हरियाणा तक फैला हुआ था | वे बहुत ही साहसी, युद्ध कला मे निपुण [...]
Tags: आल्हाखंड·कवि चन्द्रवरदाई·जयचंद·पृथ्वीराज चौहान·मुहम्मद गौरी·मुहम्मद गौरी से युद्ध·संयोगिता का अपहरण·स्वयंवर
हल्दीघाटी का युद्ध – महाराणा प्रताप, Maharana Pratap and War of Haldighati
September 22nd, 2011 · 1 Comment · इतिहास के पन्नो से, प्रमुख दर्शनीय स्थल
हल्दीघाटी का युद्धः मुगलों और महाराणा प्रताप की सेना के बीच हल्दीघाटी में एक ए॓तिहासिक युद्ध हुआ | युद्ध बडा घमासान था | युद्ध के दौरान दोनों सेनाओं के हजारों सेनिक मारे गये, पर यह युद्ध अनिर्णीत ही रहा | हल्दीघाटी में महाराणा प्रताप के प्रिय अश्व चेतक के बलिदान को क्या कोई भूल सकता [...]
Tags: घमासान युद्ध·चेतक का बलिदान·प्रातः स्मरणीय महाराणा प्रताप·स्वाधीनता·हल्दीघाटी का युद्ध·हल्दीघाटी दर्रा
रहीम के कुछ दौहे
September 19th, 2011 · 1 Comment · इतिहास के पन्नो से
रहीम का पूरा नाम अब्दुल रहीम खानखाना था और वे भी भारत में जन्में महान कवियों में से एक थे | पन्द्रहवी शताब्दी के दौरान जब उन्होने अपने आस पास के समाज की कुरितियों को देका तो बेबाकी से उन्होनें अपने विचार प्रकट किये दोहों के रूप में | वे दौहै आज भी स्कूलों में [...]
Tags: कवि रहीम·रहीम के दौहे·रहीमदास·रहीमन
में राजसमन्द से ही एक साधारण व्यवसायी युवक हूं, 1997 में मुझे कम्प्यूटर और नई तकनीकी आदि के बारे में जानने का मौका मिला तभी से हमेशा कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश करता हूं | इसी क्रम में राजसमन्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वेबसाईट, वह भी हमारी सरल सुलभ हिन्दी भाषा में बनाने का