पता नहीं क्यों लोगबाग अपनेआप को विभीन्न प्रकार के अंधविश्वासों मे झकड लेते हैं | में अपने आस पास के लोगों को देखता हूं और सोचता हुं कि वे इतना अंधविश्वास क्यों कर रहे हैं | खैर………तो कुछ विचार आजकल जानवरों पर हो रहे ना ना प्रकार के जुल्मों के बारे में प्रेषित है ! [...]
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आम लोगो का अंधविश्वास और उस कारण निरिह जानवरो से क्रूर बर्ताव
June 8th, 2011 · No Comments · उलझन
Tags: अंधविश्वास·अत्याचारों के खिलाफ शिकायत·आम लोगो का अंधविश्वास·आम लोगो का अंधविश्वास और उस कारण निरिह जानवरो से क्रूर बर्ताव·जानवरों की मदद·निरिह जानवरो से क्रूर बर्ताव·लोगो का अंधविश्वास·हेल्पलाईन
भगवान को भी नशीले पदार्थ पसंद है, क्यों ?
May 26th, 2011 · 2 Comments · उलझन
आज इंसान किसी ना किसी नशे में जकडा हुआ है, और चाहते हुए भी छोडता नहीं या फिर कुछ लोग छोडना भी नहीं चाहते ! क्यों कि आदमी मन पक्का कर ले तो कुछ भी हो सकता है बस जरुरत है तो दृढ़ निश्चय की ! तो ये आदमी आखिर ये नशे वशे के चक्कर [...]
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जय बाबा रामदेव
May 6th, 2011 · 6 Comments · उलझन
अचानक कुछ ही सालों में बाबा रामदेव ने जाने कैसा मन्तर फूंका की पुरे भारतवर्ष के लोग उनके दीवाने हो गये ! ए॓सा क्या हुआ कि रमता जोगी हजार करोडो रुपयों में खेलने लगा ! योग और प्राणायाम करने कराने के लिये तो ऋषि मुनि सदियों से कहते आ रहे हैं पर इस विधा की [...]
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आम शहरी और ट्रेफिक के नियम
November 14th, 2010 · 2 Comments · आपबीती, उलझन
क्या किसी ने केसरिया रंग के मफलरनुमा कपडे गले में डाल लिये तो वह भगवान का दूत हो गया है ? क्या कोई रेली निकालने वालों के लिये सडक के ट्रेफिक नियम कुछ भी नहीं ? क्या किसी को हक है कि वह राह चलते किसी भी आम शहरी को धौंस के साथ बाजू में [...]
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It’s Good To Be Bad
October 5th, 2010 · No Comments · उलझन
It’s Good To Be Bad एक नई नई फिल्म अभी रिलिज होने जा रही है उसका पंच लाईन मुझे बडा भाया ! मेरे खयाल से शायद यह लाईन काफी मायनों में एकदम सटीक और सही साबित हो रही है, क्योंकि में खुद अपने आस पास के जीवन में यह देखता और महसूस करता हुं कि [...]
में राजसमन्द से ही एक साधारण व्यवसायी युवक हूं, 1997 में मुझे कम्प्यूटर और नई तकनीकी आदि के बारे में जानने का मौका मिला तभी से हमेशा कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश करता हूं | इसी क्रम में राजसमन्द के बारे में सम्पूर्ण जानकारी देने वेबसाईट, वह भी हमारी सरल सुलभ हिन्दी भाषा में बनाने का