Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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क्या किसी ने भगवान को देखा है

March 23rd, 2007 · 4 टिप्पणीयां · उलझन

क्या किसी ने भगवान को देखा है या फिर क्या कोई है जो उनसे जा कर मिला है, क्या भगवान को पाया जा सकता है ? इस तरह के ढ़ेर सारे सवाल हर व्यक्ती के मन में आते ही होंगे, ए॓सा मेरी व्यक्तीगत सोच है ।

मेरे खयाल से तो मन की शान्ति, या परम आनन्द ही भगवान को पाने के जेसा ही है, चाहै आत्मा या मन की शान्ति किसी भी प्रकार से मिले, कोई शख्स खीर या अपनी कोई पसंद की मिठाई खा कर के भी बडा अच्छा महसुस करता है, तो कोई स्नान, वर्जिश, ध्यान या मेडीटेशन करने के बाद परम आनन्द को प्राप्त करता है, तथा कोई शख्स तब परम आनन्द को प्राप्त करता है जब कोई व्यक्ती अपनी अंगुलियों के पोरों से उसके सिर के बालों मे हल्के हाथों से मालिश करे व थपथपाए ।

परम आनन्द को प्राप्त करना या किसी भी मायने में अपनी मंजिल तक पहुंच जाना लगभग एक जैसा ही है । पर जब कोई व्यक्ती अगर जीवन में मेहनत कर कर के थोडा आगे बढ़ता है तो लोग कहते हैं कि उसके सर पर तो फलां भगवान, फलां बाबा का आशिर्वाद है । मेहनत कोई करे पर नाम किसी का हो जाता है, क्या ए॓से में क्या वह व्यक्ती रत्ती भर भी हीन भावना से ग्रसित नहीं होता है ? कि जो ढ़ेर सारी मेहनत उसने अपनी मंजिल को पाने में की है, उसका सारा श्रेय बिना कारण किसी भगवान, संत बाबा या फिर किस्मत को चला जाता है। क्या उस व्यक्ती की अपनी मेहनत या कर्मों के कोई मायने नहीं हैं ?

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4 टिप्पणीयां ↓

  • डा प्रवीण तिवारी

    क्या आप भगवान को जानते हैं? यह सवाल अक्सर हम एक दुसरे से अपने आप से पुछते हैं।

    यह सवाल जिसका जवाब अलग अलग हो सकता है… ओशो को जब आप पढेंगे तो एक कथा मिलती है….

    भगवान बुद्ध के पास सुबह एक आस्तिक आ कर पुछता है.. क्या भगवान हैं?

    नहीं- बुद्ध कहते हैं

    दोपहर को नास्तिक पुछता है, क्या भगवान हैं?

    हाँ- बुद्ध जवाब देते हैं

    शाम को एक खोजी पुछता है.. क्या भगवान हैं?

    बुद्ध मौन रहते हैं….

    वस खोजी निकल जाता है…

    बुद्ध के साथ उनका शिष्य आनन्द है वह परेशान, विचलित हो जाता है.. यह क्या ?

    बुद्ध जवाब देते है… कि आस्था, कोरे विश्वास का नाम भगवान नही है.. भगवान एक खोज है.. जिसने उसे खोज लिया, भगवान उसी के लिये है।

    तो जब सवाल आता है कि क्या आप भगवान को जानते हैं.. तो जवाब देना बडा मुश्किल हो जायेगा…

    क्या हम वास्तव मे भगवान को जानते हैं, मना भी नही कर सकते, क्युँकि हम नास्तिक नही है… पर हाँ भी नही कर सकते, हम लोगो मे से जो हाँ कहते है अधिकांश सुनी सुनाई बातो पर ही हामी भरते हैं

    और जो ना कहते हैं वो भी सुनी सुनाई एक मनगढंत बात पर ही ना कहते हैं, जानकारी दोनो मे से किसी को नही होती… फिर हाँ या ना कहना … हमारे बस मे कहा रहा…. हम तो बस खोजबीन कर सकते हैं।

  • rajesh

    kya bhagwan ko kisi ne dekha hai
    arey mai poochta hu
    kisne nahi dekha hai

  • Ranbir

    I have never seen can u help to meat God

  • Samlal poyam

    Hame haisi hi gyan ki bate batate rahe taki hum pad kar ya sun kar dusro tak sandesh pahuncha sake.
    Thankyou

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