Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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हल्दीघाटी का एतिहासिक महत्व

January 1st, 2007 · 13 टिप्पणीयां · प्रमुख दर्शनीय स्थल, राजसमन्द जिला

राजसमंद का अपना एक एतिहासिक महत्व है और यह हमें अदभुत शो्र्य और वीरता की कहानी सुनाता है। राजसमंद के खमनोर गांव के समीप ही है, हल्दीघाटी जो कि हमारे राजस्थान के ईतिहास में एक विशेष स्थान रखता है। हल्दीघाटी का नाम हल्दीघाटी क्यों पडा, इसके पीछे एक बडी लम्बी कहानी है । यह बात है उस समय कि जब लगभग पुरे भारत में मुगल साम्राज्य का आधिपत्य था, पर मेवाड के पराक्रमी और वीर राजाओं ने शुरु से ही किसी की अधीनता स्वीकार नहीं की थी । मुगल बादशाह अकबर नें कुछ राजपुत राजाओं से मित्रता और रिश्तेदारी बढ़ाई ।

मेवाड के महाराणा उदय सिंह के ज्येष्ठ पुत्र महाराणा प्रताप में आत्मसम्मान व स्वाभिमान कूट कूट कर भरा हुआ था अतः उन्होने भी मुगलों की आधीनता स्वीकार ना करते हुए उनसे लोहा लेने की ठानी। उनकी इस जंग में राणा पूंजा, झाला मान सिंह, हकीम खां सुरी एवं हजारों भील उनके साथ थे। भामाशाह जैसे दानवीर ने प्रताप की मदद की, ताकि उनकी सेना में हथियारों व अन्य आवश्यक वस्तुओं की कमी ना पडे। 18 जुन 1576 ई. को महाराणा प्रताप एवं अकबर की शाही मुगल सेना के बीच हल्दीघाटी में एक एतिहासिक युद्ध हुआ। हल्दीघाटी में एक छोटा संकीर्ण दर्रा था, और ये ही आने जाने का रास्ता था । एक बार में सिर्फ एक घुडसवार ही इस रास्ते से निकल सकता था और पहाडी रास्तों व जंगलों से राणा प्रताप की सेना खासी वाकिफ थी ।

महाराणा प्रताप कि सेना ने छापामार युद्ध प्रणाली का उपयोग करते हुए मुगलों के दांत खट्टे कर दिये। मुगलों की तरफ से मानसिंह नें सेना की कमान संभाल रखी थी । दोनों सेनाऔं में घमासान युद्ध हुआ, हजारों सेनिक मारे गये । राणा प्रताप ने वीरता से मुगलों का सामना किया । ईसी दौरान मानसिंह और महाराणा प्रताप का सामना हुआ । महाराणा प्रताप नें भाले से भरपुर वार किया, मानसिंह हाथी के ओहदे में छुप गया, हाथी की सुंड में लगी तलवार से महाराणा प्रताप के स्वामीभक्त घोडे चेतक का एक पेर जख्मी हो गया । एक पांव से घायल होने के बावजुद भी चेतक ने एक बडे से नाले को पार किया और राणा प्रताप को महफुज जगह पहुंचा दिया । वहीं उस स्वामिभक्त घोडे चेतक का प्राणोत्सर्ग हो गया, उस स्थान पर आज एक स्मारक बना हुआ है जो कि चेतक स्मारक के नाम से जाना जाता है ।

विशाल मुगल सेना का सामना महाराणा प्रताप की छोटी सी सेना ने किया चेतक स्मारककहते है कि यहां ईतना खुन बहा की एक स्थान पर तलाई भर गई, यह स्थान रक्त तलाई के नाम से जाना जाता है। दोनो ओर के हजारों सेनिक मारे गये और अंत में यह युद्ध एक अनि्र्णायक युद्ध ही रहा । हजारों सेनिको के खुन से रंगी हल्दीघाटी की मिट्टी अभी भी हल्दी के रंग सी है, और ईसी कारण ईस स्थान को कालान्तर में हल्दीघाटी का नाम दिया गया ।

टैग्सः ·····

13 टिप्पणीयां ↓

  • dev abhimanyu singh

    accha laga par thodi janlkari or milshakti hai kya ki maharana pratap haldi gati ma kaisa lada.

  • nazeer malik

    only historical fact not mithak

  • kayam singh rathore

    haldighati ka itihaas jaankar bahut khushi aur romanch ka anubhav hua.

  • DODIYA HANWANT SINGH NARLAI

    HALDIGHATI KA YUDH hamare liye bahut mahatvapurn tha jisme DODIYA BHIM SINGH JI harawal hue the….1st.NOBLE OF MEWA…DODIYA…

  • Vikram sinh dodiya

    Jay dodiya

  • vijai singh dodia

    bhim singh dodia ki veerata se akbar bhi bahut prabhavit hua.akbar ne mana ki dodia bhim jese ek do yoddha or hote to mugal sena ko haarna pad jata.

  • kamlesh salvi

    chetak ka death place chatri hai ya cabutra ? pls give me answer in my Email ID

  • rajhindiadmin

    प्रश्न के लिये आभार | जहां तक मुझे ध्यान हैं वहां अभी एक छतरी बनी हुई है |

  • Udai singh dodiya narlai

    Maharana pratap bahut sahsi veer the or shat shat Naman h! in veero ko jisne mewad ki munse nichi nhi hone di. Aj k itihas me mewad ka ithash bahut ojjaswi h. Kabhi gulami nhi kabul krne wala yh mewad sury ki trh chamk rha h. Dhany h mewad k veer. Jai mewad

  • Kamlesh Dave

    mujhe maharana pratap ki veerta ki kahani me bahut veerta ka ras he or is se mein bahut he bhavuk hua hu jab bhi udaypur jata hu to unke mujium me jarur jata hu…..jai mewad

  • Kamlesh Dave

    mujhe maharana pratap ki history mere email id par mail kar sakte he kya

  • uday singh

    Muje garv hai me rajput hu…hum sabi rajput bhiyo ko milkr hamre jo rajput bhai hai jo galt disha me ja rahe hai hame unko sahi disha me lana hai aur unko rajput history ke baare me batana chhiye…….

    Kuch jankari agar aur mil sake to hame rajputi rajao ke bare me aur b sikhne ko milega…

  • KAMLESH TIWARI

    Haldi ka yud pure world me sada ke liye famous ho gaye
    and maharana pratap ki virta par pure bhart ko naaj rahega
    or unko bundi sahar ki or se “sat sat namn”
    me chahta hu ki mujhe bundi ka itihas meri gmail par bheje
    thank you

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