Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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रिस्क हिन्दी फिल्म का रिव्यु

February 10th, 2007 · फिल्म रिव्यु

हां जी । तो अभी अभी हमने रिस्क फिल्म देखी है और यही कहना चाहते हैं, कि लम्बे समय के बाद विनोद खन्ना वापस आये है पर बेहतरीन अभिनय में ईनका कोई सानी नहीं है । फिल्म में रणदीप हुडा जो कि पहले “डी” में भी अपने अभिनय के जलवे दिखा चुके है वे बने है एक एनकाउन्टर स्पेशलिस्ट पुलिस आफिसर “सुर्यकान्त” जो कि हमेशा ईस तरह के दुष्ट लोगों के पीछे पडे रहते हैं । विनोद खन्ना का किरदार एक डान का किरदार है, जो कि बाहर के देश से अपने सारे काले धन्धे चलाता है । तनुश्री दत्ता ने श्रद्धा नाम कि लडकी का रोल किया है जो कि सु्र्यकान्त को चाहती है ।

कहानी काफी तेज गति से चलती हुई फिल्म को आगे ले जाती है । कुल मिला कर यह दिखाया गया है कि किस प्रकार से एक एनकाउन्टर स्पेशलिस्ट पुलिस आफिसर अपने रिस्क पर बडे बडे डान लोगों के काम तमाम करता है। डान, नेता, पुलिस वाले, या देखा जाए तो कोई भी व्यक्ती आज कि दुनिया में रिस्क लेकर ही आगे बढ़ता है और यही रिस्क का कमाल फिल्म में दिखाया गया है । विनोद खन्ना सभी कलाकारों पर हावी रहें है, व उन्होने अपने सशक्त अभिनय की एक अनोखी छाप छोडी है। डायलोग्स व गाने अच्छे (ठीक ठाक) है ।

  • अभिनेता कलाकारगण: विनोद खन्ना, रणदीप हुडा, तनुश्री द्त्ता एवं अन्य

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लिन्क का जुगाड हमारी वेबसाईट पर

February 9th, 2007 · तकनिकी, नई खबरें

हमने विचार बनाया है कि अब हम www.rajsamanddistrict.com के मुख्य पृष्ठ पर राईट साईड में आ रहे लिन्क्स (कडीयां) को यहां से हटा कर लेफ्ट में Pages के अन्दर लिन्क करके पेज जो है उस पर संकलित करें।

शुरू में सोचा था कि हिन्दी के चुनिंदा अच्छे अच्छे ब्लाग्स, साईट्स को में फ्री टेक्स्ट लिन्कस यहां से दुंगा, पर जब वास्तविक तौर पर काम शुरु किया तो पता चला कि यहां तो मेरी सोच से कही् अधिक एसे कई गुणी लोग बैठे हे जो काफी अच्छे अच्छे हिन्दी ब्लाग, साईट, डायरेक्ट्रीयां व फोरम चला रहें हैं । तो मियां अपनी लिस्ट तो काफी बडी होती ही जा रही है। कुछ जुगाड तो करना ही पडेगा ना । लम्बी लिस्ट से पेज का रुप लावण्य दिन ब दिन बिगड भी रहा था ।

तो जी हमने अब ये विचार बनाया है कि अपना यह टेक्स्ट लिन्कस का काम तो जारी रखेंगे पर एक अलग अन्दाज मे। लेफ्ट साईड के साईटबार में आ रहे Pages के अन्दर एक नया पेज बनाया गया है “लिन्क” नाम से । अब जो भी हमारे ईस ब्लाग या साईट पर कमेन्ट्स करता है या हमें लगता है कि फलां फलां हिन्दी ब्लाग, डायरेक्ट्री या फोरम सभी के लिये अति महत्वपुर्ण है तो हम उसे अपने उस पेज “लिन्क” पर एक टेक्स्ट लिन्क देंगे।

आखिर एक दुसरे को जब हम कमेन्ट्स करते है कितना अच्छा लगता है, ये भी एक तरह कि मदद है किसी कि । एक तरह से कवि या लेखक को तारीफ के दो शब्द ही तो चाहिये होते हैं, बस । ईसी तरह से हम एक दुसरे के ब्लाग या साईट को लिन्क करते है या लिन्क देते है तो एक तरह से सामने वाले के कन्धे पर हाथ रखते है कि “चलते चल भाई, में हुं ना पीछे तेरे साथ” । तो चिठ्ठाकार भाईयों और बहनों, आप कब अपने ईस छोटे अनुज के कन्धे पर हाथ रख रहे हैं, और लिन्क कर रहे हें हमारी साईट को ।

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वर्डप्रेस का पेज नेवी प्लग इन

February 6th, 2007 · तकनिकी

वर्डप्रेस का एक बहुत ही बढ़िया प्लग इन है पेज नेवी, जो कि वर्डप्रेस के ब्लाग या साईट पर एक विशिष्ट प्रकार का पेज नेवीगेशन लिन्क दिखाता है । ईसको स्थापित करना काफी आसान है व ईसे आप यहां से प्राप्त कर सकते हैं http://www.lesterchan.net/wordpress/readme/wp-pagenavi.html

ईसका नया वर्जन भी अब उपलब्ध है जो कि वर्डप्रेस के 2.1.x के लिये बनाया गया है । अगर आप ईसका उपयोग कैसे होता है यह देखना चाहते हैं तो कृपया ईस पेज पर सबसे नीचे की तरफ जाएं व देखे जहां पर Pages << 1 2 3 4 >> के लिन्कस् है । काफी बडे बडे प्रसिद्ध ब्लाँगर भाई बन्धु भी ईस page navi का उपयोग करने कि सलाह देते हें क्यों कि यह है ही बडे काम की चीज । ईस नेवीगेशन से साईट या ब्लाग पर आने वाले मेहमान एक एक करके महत्वपुर्ण जानकारी पेज दर पेज प्राप्त कर सकते हैं ।

ईस प्लग ईन का स्थापन करना बेहद आसान है बस प्लग ईन कि PHP फाईल को अपने साईट या ब्लाग के wp-contents > के Plugins > फोल्डर में डालें व ईसके बाद एडमिन से जाकर Plugin Activate कर दें । ईसके बाद अपनी मनचाही जगह जैसे Footer या Sidebar में जा कर सिर्फ एक छोटा सा कोड पेस्ट करना होता है । ईससे स्थापन व ईस्तेमाल से सबंधित सारी जानकारी उपर दिये गए लिन्क पर मिल सकती है ।

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वर्डप्रेस को 2.0.7 से 2.1 वर्जन पर अपडेट

February 5th, 2007 · तकनिकी

आज हमने फिर से वर्डप्रेस के वर्जन को अपडेट किया । पहले हमारा यह ब्लाग वर्डप्रेस के 2.0.7 वर्जन से युक्त था। अब जब वर्डप्रेस वालों ने 2.1 वर्जन ईन्सटाल व अपडेट हेतु डाल ही दिया है तो हमें भी ये काम तो करना ही रहा । सो आज सोचा कर ही डालो ये अपडेट । सुना है कि हर बार नये वर्डप्रेस अपडेट में कुछ नयी बात होती है, अब धीरे धीरे ईसका उपयोग करने के दौरान ही पता चलेगा कि ईसमें क्या क्या नई सुविधाएं है जो अब तक नहीं थी ।

बहुत डर डर के जी लिया में,पर अब ‌और नहीं। शुरुआत में पहले एक दो बार वर्डप्रेस पर सिर्फ प्लग ईन्स डालने व उन्हे एक्टिवेट करने के दौरान ही मुझे काफी तकलीफे हुई ये सिर्फ में ही जानता हूं। कुछ खराबी हुई तो हमने हमारे वेबसाईट होस्टिंग वाले से सम्पर्क किया, उन्होने बताया कि एक बार वर्डप्रेस इन्सटाल करने के 1000 रुपये लगते है। हमारी तो सिट्टी पिट्टी गुम हो गई जैसे । उसके बाद से तो हमने जैसे वर्डप्रेस पर कुछ भी छेडछाड करने से तौबा कर ली । पर अभी हाल के दिनों में सोचा कि तरीके से एक एक काम करते है उसके बाद भी अगर कुछ होगा तो देखा जाएगा। काफी पढ़ने के बाद स्टेप बाई स्टेप काम किया तो यह तो अपडेट हो गया । अब तो लगता है जेसे यह खेल हो । पर हमारी रिलायन्स के मोबाईल की स्पीड काफी कम है(112 KBPS), तो डाउनलोड व अपलोड में काफी दिक्कत होती है। पर ये काम पुरा करके जो खुशी हुई ना वो तो में आपको शब्दों मे बयां ही नहीं सकता।

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नाथद्दारा का लाल बाग

February 4th, 2007 · उत्सव एवं त्योहार, प्रमुख दर्शनीय स्थल, राजसमन्द जिला

नाथद्दारा राजसमन्द का एक अभिन्न शहर हे व यहां काफी सारी घुमने लायक जगहें हें, जिनमें से अगर लाल बाग का जिक्र नहीं किया जाए तो शायद यह बेइमानी होगी ।  हाँ तो जनाब  नाथद्दारा का लालबाग स्थित हे, कोठारिया के मोड के पास ही  नेशनल हाईवे 8 की मुख्य सडक के किनारे पर। यह एक बडा ही सुन्दर बाग है व शायद तक लाल रगं के फुलों की अधिकता के कारण ही ईसका नाम लाल बाग रखा गया। लाल बाग के अन्दर घुसते ही हमें चारों ओर हरियाली, तरह तरह के पेड, पोधे, फुल आदि दिखाई देते हेँ। अन्दर एक पानी का फव्वरा भी हे जो काफी आकर्षक है । यहां अक्सर फोटोग्राफर भी होते है, जो तरह तरह की पोशाकें भी रखते है, आने वाले सेलानी वे पारंपरिक पोशाकें पहन कर भिन्न भिन्न मुद्राओं में अपने फोटोस् खिंचवाते है ।

लाल बाग के अन्दर ही एक प्राचीन बावडी भी है, जो काफी सुन्दर हे, पहले तो इसमें पानी भी भरा रहता था, पर आजकल यह सूखी हुई हे । इस बावडी का शिल्प काफी उम्दा हे, बेमिसाल हे। यहां एक छोटा सा चिडीयाघर (Zoo) भी है जहां कई तरह के जीव जन्तु व पक्षी हैं । छोटे बच्चे तो कई बार यहां क्रिकेट खेलते भी नजर आते हैं।
 
अक्सर कई लोग यहां अपने परिवार एवं मित्रों सहित पिकनिक मनाने आते हैं । लालबाग के बाहर ही कई छोटी मोटी चाय पानी व नाश्ते की दुकाने भी है जहां आनेवाले अक्सर नाश्ते वगेरह का ईतंजाम करते रहते हें। कई बार खास मेले के आयोजन भी यहां होते रहते है, वेसे सावन के दिनों मे हरियाली अमावस्या व सखिया सोमवार पर यहां विशेष भीड भरा मेले का सा माहौल रहता है। अगर नाथद्दारा जाएं व ये लाल बाग नहीं देखे तो लगता है, जेसे कुछ खास जरुरी काम पिछे छूट गया है ।

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