Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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शादी के दौरान के चन्द वाकये भाग 2

March 8th, 2007 · अब तक कोई टिप्पणी नहीं की गई · उत्सव एवं त्योहार, नई खबरें, हास्य

हमारे शहर कांकरोली राजसमन्द में अभी शादियों को सीजन चल रहा है कुछ ही समय पहले हमनें शादियों के दौरान घटित होने वाले कुछ वाकयों ( शादी के दौरान के चन्द वाकये ) के बारे में बताया था। अब इस पोस्ट का पार्ट 2 लिजीये पेश है । तो जनाब बात यह चल रही थी कि शादी के दौरान क्या क्या होता हे और क्या क्या नहीं होता है । वो एक कहावत भी तो है ना कि भई “हमने शादी तो नहीं कि पर, बहुत सी बारातों में तो गए हैं ना ।” एक बार तो हमारा खुद का बडा अनोखा अनुभव रहा था शादी के दौरान हुआ युं कि – नई नई शादी थी बारात लोटी ही थी । दुल्हे के दोस्त लोग सुहागरात की तैयारियों में जुटे हुए थे, कोई फूल तो सजा रहा था तो कोई कुछ और प्रयास कर रहा था। तैयारियां खत्म होने के बाद दुल्हन व उनकी कुछ सखियों ने कमरे में प्रवेश किया। दुल्हन की मनःस्थिती पता नहीं क्या हो रही होगी, पर इन सब बातों से बेखबर उनकी सहेलियां तो हा हा, ही ही, खी खी कर रही थी। यहां तक तो सब ठीक ठाक था ।

पर तभी हमने देखा की दुल्हे की अम्मा को जो की फिल्मी स्टाईल में दुध गर्म करके गिलास दुल्हे को पकडा रही है। कुछ ही देर में दुल्हा इन, दुल्हन की सहेलियां आउट व फिर एक जोरदार आवाज के साथ फाटक बन्द। फिक्स 10 मिनट में लाईट भी बन्द। इतनी जोर से हंसी आने को हुई पर हम रुक गए, जगह एसी थी की हंसे तो फसे। पर हमारी तो हालत एसी हो गई की अब अगर इस हंसी को दबाया तो हमारे आंसु छलक पडेंगे। थोडा दुर जाकर एकान्त में जाकर हम इतना हंसे की भई पुछो मत। शादी वगेरह सब ठीक रहा पर हमें यह फिल्मी स्टाईल में दुल्हे की मां का दुध का गिलास भर के देने वाली घटना का काफी दिन तक इतना सुरुर रहा कि पल पल में हंसी आती थी। सब कुछ कितना फिल्मी हो गया है, हमारा समाज, परिवार, लोग, यहां तक की हमारी अपनी रीयल लाईफ भी फिल्मी।

एक अन्य शादी के दौरान हमें विश्वस्त सुत्रों (सबके पास होते हैं,हमारे पास भी कुछ नायाब जासुस हें जो टेम टेम पे बडी खास खबरें देते रहते हैं) से पता चला की नई दुल्हनिया अपने पर्स में इलाईचियां रखती है, बाद में हमें पता चला की दुल्हन को कुछ दांतो से संबंधित समस्या है, या तो दांतों मे सडन,कीटाणु है या उनकी सांसों मे बदबु है जो उनके दुल्हे राजा को उनसे दुर भागने को मजबूर कर देती है। कुछ समय के पश्चात यह वेरीफाई भी किया गया की क्या नई दुल्हन आन्टी को वाकई डेन्टल चेक अप की जरुरत है या नहीं । हमें पता चला की हमारा अंदाजा एकदम सही व सटीक था। पर इस दुनिया में हर चीज का इलाज है, बस चाहिये तो थोडा सा दिमाग व ढ़ेर सारा धन। घर की नई दुल्हन नें अपने दांतो की समस्या का इलाज ईलाईची से किया ।

एक बार हम सब परिवारजन एक शादी में सम्मिलीत होनें के लिये गए। पहले सभी मिलने वाले लोगों से दुआ सलाम हुई फिर गिफ्ट दिये गए, फोटो व अन्य फोरमेलिटीज के बाद सबकी खाना खाने की बारी आयी। बफर डिनर था वहां, तो साहब हमने खाना चालु किया ही था कि हमारी नजर एक खास काउंटर पर गई जहां सबसे ज्यादा भीड पड रही थी। यकायक मन में ख्याल आया की कुछ स्पेशल डीश होगी, चलों पहले अपन भी वहीं चलते हैं पर जन उधर गए तो बडे अनोखे नजारे देखने को मिले।

तो मामले का खुलासा करते हैं वह थी शराब की स्टाल। (राजपुतों में थोडा ज्यादा ही प्रचलन है इस शराब व कबाब का) बडी बडी रोबदार मुछों वाले दो वेटर ड्रींक बना रहे थे व खुद भी पी रहे थे व मेहमानों को भी पिला रहे थे । एक बडी खास बात देखी वे दोनों वेटर भी फुल टू हो रहे थे पर सभी को पिला रहे थे बडी मान मनुहार से। कुछ लोग फ्री की समझ के पेग पर पेग लगाये जा रहे थे तो कुछ लिमीट से ही पी रहे थे । पास में ही पापड, नमकीन वगेरह का भी फुल स्टाक था। अपने राम जी क्या करते यहां तक अब आ तो गए ही थे सोचा कुछ पापड ले कर निकल लेते है पतली गल्ली से। तो हम निकलने लगे ही थे कि एक रिश्तेदार मिल गए हमने शिष्टावारवश उनसे नमस्कार क्या किया की वे तो पीछे ही पड गए की “एक पेग तो लेणों ही पडेगा, तो तो माताजी को परसाद हे” हमनें बडी मुश्किल से उन महाशय से पीछा छुडाया । चुपचाप खाना खाया व निकल लिये।

टैग्सः ······

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