Rajsamand District, Rajasthan

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सोनी के प्ले स्टैशन वन पर हमारा गेम खेलने का चस्का

March 1st, 2007 · 3 टिप्पणीयां · तकनिकी, नई खबरें, हास्य

हमने अभी अभी Sony Play Station 1 पर अपने प्रिय मित्र के साथ गेम्स खेलने का लुत्फ लिया है। काफी दिनों से अखबारों, टी.वी. इन्टरनेट आदि पर हम सोनी के प्लेस्टेशन के बारे में पढ़ व सुन रहे थे। वेसे विडीयो गेम्स खेलने का कीडा हमें बचपन से ही था, पहले  हम भी विडीयो गेम वाले के यहां अपनी मित्र मंडली के साथ घंटो तक बैठे रहते थे बेचं पर। अब उस जमाने में पेसे तो जेब में होते नहीं थे तो होता क्या की एक मोटा तगडा शिकार फांसा जाता व उसे येन केन गेम पार कराने की टिप्स देने का वादा किया जाता । उसके बाद हम खेलते व वह हमारा तथाकथित मोटा तगडा मुर्गा गेम पार होने तक ईन्तजार करता था। खेलते हम देखता वो, विडीयो गेम्स के पेसे भी देता तो वो और मजे लेते थे हम। 

फिर चला विडीयो गेम्स किराये पर घर लाने व खेलने का दौर, ये शौक भी काफी लम्बा चला था । घर वाले पढ़ो पढ़ो कहते थे पर हम तो जेसे पढ़ाई के दुश्मन थे। हमें अच्छी तरह से याद है चाहे परीक्षा के दिनों मे हम अलार्म लगा कर सुबह जल्दी जागें या नहीं पर जब जब हमारे घर किराए पर वह विडीयो गेम लाते थे तो हम देर रात तक तो मारियो, कोन्ट्रा, सर्कस, मोटर साईकिल व कार रेस के गेम्स खेलते थे और सुबह सुबह जल्दी उठ जाते थे व विडीयो गेम के किराए के पेसे की जेसे पाई पाई वसुल करके ही दम लेते थे और ये ही हमारा मुख्य उद्देश्य हुआ करता था।

अब काफी लोग सोचेंगे की ये भी क्या आदमी है जो सोनी ने पी.एस.थ्री निकाला है ओर अब पी्. एस. वन के खेल खेल रहा है। पर क्या करते भईया हिन्दुस्तान में हमारे जेसे कई लोग हैं जो अपने सारे शौक तो पुरे करने चाहते है उनकी जेब ये सब करने से उन्हें मना कर देती है। पुराना ही सही पर हमने भी एक सोनी का प्ले स्टेशन वन खरीदा, वो बी तब जब हमारा एक मित्र इस पर गेम्स खेल खेल कर बोर हो गया। अब हमने कुछ ही दिनों में ही कार रेसर, टेकन थ्री, फाईटंग फोर्स ‌और टाम्ब रेडर – लारा क्रोफ्ट एन्ड क्रोनीकल्स आदि गेम्स खेले हैं,अब तक सभी ठीक ठाक हैं, अच्छे ग्राफिक्स, साउंड व थ्री डी ईफेक्टस् के साथ तरह तरह के गेम जो चालु होते हें तो समां बधं जाता है। 

ईस प्ले स्टेशन को टी. वी. से अटेच करना होता है बस,और मनवाहे गेम की सी.डी. इसमे डालो लो जी शुरु हो गए गेम। ईसके दो रिमोट काफी अच्छे हें एक वाले रोमोट में तो वाईब्रेशन भी होता गेम खेलने के दौरान, मेमोरी कार्ड का स्लाट भी है जिस पर गेम सेव व लोड करने का कार्य किया जा सकता है। ईसके अलावा ईस प्ले स्टेशन पर आडीयो सी. डी. भी चला सकते है व गाने सुन सकते हैं । दो रिमोट होने से मल्टीप्लेयर वाले गेम्स भी खेल सकते हैं। हे ना ये मजेदार गेजेट, उस पर सोनी कम्पनी का, ये तो सोने पे सुहागा जेसी बात हो गई ना भईया।

टैग्सः ·······

3 टिप्पणीयां ↓

  • श्रीश शर्मा 'ई-पंडित'

    बचपन में हमें भी बहुत शौक था जी। वीडियो गेम पर मेरी दो पसंदीदा गेम थीं कोन्ट्रा और मारियो। फिर पीसी लिया तो रात रात भर खेलते थे। मेरी दो पसंदीदा गेम थी – कमांडोज और डेल्टा फोर्स। बहुत ज्यादा खेली। अब एक दो साल से खेलना ही छूट गया है। मन ही नहीं करता।

    और ऐसी क्या बात है यार, हम सब मध्यम वर्ग से ही हैं। मेरे पास तो पीएस वन भी नहीं। :)

  • SHUAIB

    मुझे तो Action गेम्स बहुत पसंद हैं। बचपन मे खेले हुए वीडियो गेम्स मुझे आज भी याद हैं। वैसे तो अब भी कम्पयूटर गेम्स खेलने का शौक है मगर टाईम नहीं मिलता। जब कभी शॉपिंग मॉल मे किसी इलेक्ट्रोनिक शोरूम मे थोडा बहुत खेल आता हूं। आपको होली की शुभकामनाएं

  • Tarun

    bahut kharab lat hai, ek baar chaska lag jaaye to kam se kam 2-3 saal tak to rehta hai jab tak galti se koi usi game ka updated version aapko pasand aana band ho jaata hai.

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