Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

Rajsamand District, Rajasthan header image 4

Entries Tagged as 'आपबीती'

जानिये एक हाबी – पक्षी प्रेम

May 26th, 2010 · No Comments · आपबीती

काकंरोली के एरिगेशन पाल पर मुझे घुमना बहुत पसंद है, और यहां तेज हवा में कौवे जो करतब करते हैं वो तो गजब है ! बचपन से ही यह मुझे जगह विशेष रुप से प्रिय है, यहां की सुबह, यहां की शामें, यहां रोजाना रूटिन से आने वाले छोटे, बडे व बुजुर्ग लोग सभी ! […]

[Read more →]

Tags: ·······

उम्मीद

April 9th, 2010 · 3 Comments · आपबीती

एक बार मेरे एक हमउम्र मित्र मेरे कार्यस्थल पर आये ! हम अक्सर मिलते थे, बातें करते थे, और पुराने दोस्त थे । मुझसे उन्होने एक सामान का रेट पूछा, वो चीज उनको चाहिये थी । मित्र होने के नाते, मेनें उनको एक दम वाजिब से वाजिब भाव बताया उस वस्तु का ! मित्र ने […]

[Read more →]

Tags: ···

वो टाईल्स लगाने वाला कारीगर

January 9th, 2010 · 3 Comments · आपबीती, लघु कहानियां

एक बार की बात हैं, बहुत सालों पहले एक साधारण सा नौकरी पेशा आदमी ने अपनी हैसियत से थोडा उपर की सोच रखते हुए अपने मकान को थोडा व्यवस्थित करने के लिये मकान का काम चालू करवाया ! पता नहीं किस बुरे मुहु्र्त में ये सब शुरु हुआ था कि काम छः महिने से उपर […]

[Read more →]

Tags:

ये कुत्ते आखिर गाडीयों के पीछे भागते क्यों है ?

August 20th, 2009 · 1 Comment · आपबीती, उलझन

बडा अजीब सा सवाल है, है ना ! ये कुत्ते आखिर गाडीयों के पीछे भागते क्यों है ? कुछ कत्ते तो दूर से ही ताक लगाकर खडे रहते हैं, जैसे कोई पुरानी दुश्मनी निकालना चाहता हो, और ना जाने क्यों जैसे ही कोई कार, मोटर साईकिल पास से गुजरी नहीं की भोंकते हुए उसके पीछे […]

[Read more →]

Tags: ····

हार्न ओ. के. प्लीज

April 16th, 2008 · 3 Comments · आपबीती, उलझन, नई खबरें, हास्य

टाईटल पढ़ते ही चौंक गए ना ! आप सों रहे होगें की फिर से कोई ट्रक या बस से सबंधित बात होगी पर एसा नहीं है । अक्सर ट्रकों के पीछे लिखे ये टाईटल “हार्न ओ. के. प्लीज“ सभी को याद आते हैं । आज शाम को स्कूटर से चक्की तक जाते जाते कुछ घटना […]

[Read more →]

Tags: ······