Rajsamand District, Rajasthan

राजसमन्द जिले के प्रमुख दर्शनीय स्थल, ए॓तिहासिक पर्यटन स्थल, मंदिर, किले, मुख्य त्योहार एवं व्यवसाय आदि की विस्तृत जानकारी, साथ ही हर घटना को देखने का लेखक का अपना व्यक्तीगत व्यंग्यात्मक नजरिया आज की इस तिरछी दुनिया के सन्दर्भ में…

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Entries Tagged as 'उलझन'

मेरी हद

January 11th, 2012 · 1 Comment · उलझन

मैं हमेशा से ही अपने हद में रहना पसंद करता हूं, वो हद खर्च करने की हो, चाहे किसी रोजमर्रा के कार्य से जुडी कोई बात हो या कोई और पर अपनी हद में रह कर अपनी हैसियत के मुताबित काम करना ही मेरी नजर में सही है | किसी मशहूर लेखक ने लिखा है […]

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जिदंगी का फलसफा

October 12th, 2011 · 1 Comment · उलझन

वाह क्या बात कही है लामाजी नेः वाकई आज के आम आदमी की जिदंगी यही है, हमेशा रोजाना दुखी होते हुए थोडी सी खुशी मिलने का चांस भी अगर होता है तो उसे हम कल पर छोड देते हैं | आज क्यों नहीं किया जाए वह जिससे हमें कुछ खुशी मिलती हें | शुरु में […]

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गणपति विसर्जन की सवारी

September 11th, 2011 · No Comments · उलझन

आज मेनें प्रतिवर्ष की ही भाति कांकरोली में आयोजित होने वाली गणपति विसर्जन की सवारी को देखा | सवारी में शहर के हर तरफ के एरिया के गणपति एक बडी रेलीनुमा सवारी में इकट्ठे ले जाये जाते हैं और अतं में जल में विसर्जन किये जाते हैं | मुंबई में लोकमान्य तिलक नें अपने प्रयास […]

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दुखः का कारण क्या है ?

June 15th, 2011 · 1 Comment · उलझन

दुखः का कारण जहां तक मेरी नजर में है वो है चाह, अभिलाषा, तृष्णा या फिर सरल शब्दों में कहें तो हमारी इच्छा | संसार सागर के समान बडा है और अनवरत जीवन हमारा चलता ही जाता है, रुकने का नाम नहीं, कभी सोचता हूं बहुत से जानवर और अन्य प्राणी सुखी हैं, क्योंकि उन्हे […]

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आम लोगो का अंधविश्वास और उस कारण निरिह जानवरो से क्रूर बर्ताव

June 8th, 2011 · 1 Comment · उलझन

पता नहीं क्यों लोगबाग अपनेआप को विभीन्न प्रकार के अंधविश्वासों मे झकड लेते हैं | में अपने आस पास के लोगों को देखता हूं और सोचता हुं कि वे इतना अंधविश्वास क्यों कर रहे हैं | खैर………तो कुछ विचार आजकल जानवरों पर हो रहे ना ना प्रकार के जुल्मों के बारे में प्रेषित है ! […]

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